पà¥Âà¤°à¤•à¤¾à¤¸à¤¿à¤¤ वाकà¥Âà¤¯ 7:16

16न तउ कबहूँ ओनका भूख सतावात ह अउर न तउ कबहूँ पियासा रहत ह। सूरज ओनकइ कछू नाहीं बिगाड़ पावत अउर न तउ चिलचिलात धूप ओनका कबहूँ तपावत ह।

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