WTC
Audio:
Drama
  • Drama
  • Non-Drama
Text Size

पà¥Âà¤°à¤•ासित वाकà¥Âà¤¯ 2 - Awadhi - Easy-to-Read Version - Bible.is - AWAWTC

  1  “इफिसुस क कलीसिया क सरगदूत क इ लिखा: “उ जउन अपने दाहिने हाथे मँ सात तारन क धारन करत ह अउर जउन सात दीपाधारन क बीच घूमत ह, इ तरह कहत अहइ   2  “मइँ जानत अहउँ जउन तू करत अहा अउर, कड़ी मेहनत अउर धीरज भरी सहनसीलता क जानित हउँ अउर मइँ इहइ जानित हउँ कि तू बुरा मनइयन क राह नाही पउत्या अउर तू ओनका परखे अहा जउन कहत अहइँ कि उ पचे प्रेरितन बाटेन मुला सही मँ नाही अहइँ। तू ओनका झूठा पाए अहा।   3  मइँ जानित हउँ कि तोहरे मँ धीरज अहइ अउर मोरे नाउँ प तू कठिनाई झेले अहा। अउर तू थका नाहीं अहा।   4  “मुला मोरे लगे तोहरे विरोध मँ इ अहइ: तू पिरेम छोड़ दिहे अहा जउन सुरुआत मँ तोहरे मँ रहा।   5  इ बरे याद करा कि तू कहाँ स गिर अहा, आपन मनफिराव अउर उ करा जेका तू सुरुआत मँ करत रह्या, जदि तू पछतावा न करब्या तउ मइँ तोहरे लगे आउब अउर तोहरे दीपाधार क ओकरी जगह स हटाइ देब।   6  मुला इ बात तोहरे हित मँ अहइ कि तू नीकुलइयन क काम स नफरत करत अहा, जेनसे मइँ भी नफरत करत हउँ।   7  “जेकरे लगे कान अहइँ, उ ओका सुनइँ जउन आतिमा कलीसियन स कहत अहइ। जे विजय पाई मइँ उही परमेस्सर क बगिया मँ लगा जीवन क पेड़ स फल खाइ क अधिकार देब।   8  “स्मुरना क कलीसिया क सरगदूत क इ लिखा: “उ जउन पहिला अहइ अउर जउन आखिरी अहइ जउन मर ग रहा अउर फिन स जी उठा।   9  “उ कहेस मइँ तोहरे साथ जउन अत्याचार भवा ओका अउर तोहरी दीनता दुइनउँ क जानत हउँ वइसे तू धनवान अहा। जउन खुद क यहूदी कहत अहा, अउर जउन तोहार निन्दा करे अहइ, मइँ ओका भी जानत हउँ। यद्यपि ओन्हन सही सही यहूदी न अही। बल्कि उ पचे सइतान क आराधनालय अहइँ जउन सइतान स संबंध रखित ह।   10  उ अत्याचार स तोहका ड़ेराय क जरुरत नाही अहइ, जउने क तोहका सहइ क अहइ। सुना, सइतान तोहरे मँ स कछू जने क बंदीगृह मँ डाइके तोहार परीच्छा लेइ जात अहइ। अउर तोहका हुवाँ दस दिन तक कस्ट भोगइ क अहइ। चाहे तोहका मर जाइ क पड़इ मुला सच्चा बना रह्या तबइ तोहका जीवन वाला मुकुट देब।   11  “जउन सुन सकत ह, सुन लेइ कि आतिमा कलीसियन स का कहत अहइ। जउन जीत जाई ओका दूसरी मउत स कउनउँ नुकसान न उठावइ क पड़ी।   12  “पिरगमुन क कलीसिया क सरगदूतन क इ लिखा: “उ जउन तेज दोधारी तलवार क धरत अहइ उ इ तरह स कहत ह:   13  “मइँ जानत हउँ कि तू कहाँ रहत बाट्या जहाँ सइतान क सिंहासन बाटइ। अउर मइँ इहउ जानत हउँ कि तू मोरे नाउँ प स्थिर अहा, अउर तू मोरे बरे आपन बिसवास क कबहुँ जकारया नाहीं। तोहरे उ नगर मँ जहाँ सइतान क निवास अहइ, मेरा बिसवासपूर्ण साच्छी अन्तिपास मार दीन्ह गवा रहा।   14  “मुला मइँ तोरे बिरोध मँ कछू कहइ चाहत हउँ: तोहरे हिआँ कछू अइसे लोग बाटेन जउन बिलाम क सिच्छा क मानत ही। उ बालाक क सिखावत रहा कि इस्राएलियन क मूर्तियन क चड़ावा खाइ अउर व्यभिचार करइ क प्रोत्साहित करइ।   15  अइसे तोहरे हिआँ भी कछू अइसे मनइयन अहइँ जउन नीकुलइयन क सीख प चलत अहइँ।   16  एह बरे मनफिरावा नाहीं तउ मइँ जल्दी ही तोहरे पास आउब अउर ओनके बिरोध मँ उस तलवार स युद्ध करबइ जउन मोरे मुँह स निकरत बाटइ।”   17  “जउन सुन सकत ह, सुन लेइ कि आतिमा कलीसियन स का कहत अहइ। “जउन बिजयी होई मइँ हर एक क गुप्त मन्ना देब। मइँ ओका एक सफेद पाथर देब जेह पइ एक नवा नाउँ लिखा होई। जेका ओकरे अलावा अउर कउनउँ नाही जानत अहइ, जेका उ दीन्ह गवा बाटइ।   18  “थूआतीरा क कलीसिया क सरगदूतन क नाउँ इ लिखा: “परमेस्सर क पूत, जेकर आँखिन धधकती आग क समान बाटिन, अउर जेकर पैर चमकते काँसा क जइसे अहइँ, इ कहत अहइ:   19  “मइँ तोहरे कारज, पिरेम, बिसवास, सेवा अउर धैर्य क जानत हउँ। मइँ इहउँ जानत हउँ कि तोहार वर्तमान कारज विगत कारज स अधिक होत बाटइ।   20  मुला मइँ तेरे विरोध मँ कछू कहइ चाहत हउँ; तू उ स्त्री इजेबेल क अपने मध्य रहइ देता अहा, जउन अपने आपको नबीया कहत ह। मुला मोरे सेवकन क व्यभिचार करइ अउर मूर्तियन क आगे चड़ाई भइ चीजन क खाइ बरे सिच्छा देत अहइ।   21  मइँ ओका मनफिरावा क अवसर दिहे अहउँ। मुला उ अपने व्यभिचार स मनफिरावा नाहीं चाहत।   22  “अउर मइँ ओंका रोग चारपाई प डाउब। अउर जे ओकरे साथ व्यभिचार करत अहइँ तउ उ तरह क कस्ट अउर दिक्कत भोगइँ जब तलक अपने काम क पछतावा न कइलेइँ।   23  मइँ महामारी फैलाइके ओकरे लरिकन क मारि डाउब अउर सब कलीसियन क पता चल जाइ कि मइँ उहइ अहउँ जउन सब मनइयन क मन अउर बुद्धि क जानत अहइ। मइँ तोहका सबका तोहरे काम क हिसाब स फल देबइ।   24  “अब मोका थूआतीरा क बाकी बचे क कछू मनइयन स कछू कहइ क अहइ कि जे इस सीख प नाहीं चलतेन अउर जउन सइतान क अउर ओकरे छिपी बातन क नाहीं जानत अहइँ। मइँ तोहरे ऊपर अउर कउनो बोझा नाहीं ड़ावा चाहत अहउँ।   25  मुला जउन कछू तोहरे लगे अहइ, ओह प मोरे आवइ तक चलत रहा।   26  “जउन मनई जीत हासिल करी अउर जउन बातन क मइँ आदेस दिहे अहउँ अखिरी दम तक मोर आदेस पर टिका रही, जेहका मइँ चाहत अहउँ ओका मइँ राष्ट्रन पर अधिकार देत हउँ।   27  तथा उ ओनके ऊपर लोहे क ड़ण्ड़े स सासन करी। उ ओनका माटी क भाँड़न क तरह चूर चूर कइ देई।   28  इ उहइ अधिकार अहइ जेका मइँ अपने परमपिता स पाए अहउँ। मइँ अइसे मनई क भोर क तारा देब।   29  जेकरे पास कान अहइँ, उ सुन लेइँ कि आतिमा कलीसियन स का कहत अहइ।