मतà¥Âà¤¤à¥€~ 5:25

25“जब ताईं तू मुद्दई क संग रस्ता मँ रहा, झटपट ओसे मेल कइ ल्या। कहूँ अइसा न होइ कि उ तोहका हाकिम स सौंप देइ अउर हाकिम तोहका सिपाही क। फिन तू जेल मँ धाँध दीन्ह जा।

Share this Verse:

FREE!

One App.
1599 Languages.

Learn More