इबà¥Âà¤°à¤¨à¤¿à¤¯à¤¨~ 5:2

2काहेकि उ खुद भी कमजोरन क अधीन अहइ, इही बरे उ न समझन अउर भटकन भएन क साथे कोमल व्यवहार कइ सकत ह।

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