2 तीमà¥Âà¤¥à¤¿à¤¯à¥Âà¤¸~ 1:12

12अउर इहइ कारण अहइ जेहसे मइँ एन बातन क दुख उठावत अहउँ। अउर फिन भी लज्जित नाहीं हउँ काहेकि जेह प मइँ बिसवास किहे हउँ, मइँ ओका जानत हउँ अउर मइँ इ मानत हउँ कि उ मोका जउन सँऊपे अहइ, उ ओकर रच्छा करइ मँ समर्थ बाटइ जब तलक उ दिन आवइ,

Share this Verse:

FREE!

One App.
1597 Languages.

Learn More