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1काहेकि हम जानित ह कि हमार इ काया मतलब इ तम्बू जेहमें हम इ धरती पर रहित ह गिराइ दीन्ह जाई तउ हमका परमेस्सर क तरफ स सरग मँ एक भवन मिलि जात ह, जउन मनइयन क हाथे बना नाहीं बा अउर यह भवन चिरस्थाई अहइ। 2तउ हम जब तलक इह आवास मँ अही, हम रोवत-धोवत रहित ह अउर इहइ चाहित रहित ह कि अपने स्वगीय भवन मँ जाइ बसी। 3निस्चित हमार इ धारण अहइ कि हम ओका पउबइ अउर फिन बिना घरे क न रहबइ। 4हमरे मँ स उ जउन इहइ तम्बू यानि भौतिक सरीरी मँ स्थित बा, बोझ से दबा कराहत बाटेन। कारण इ अहइ कि हम कबहुँ नंगा न पावा चाहित काहेकि उम्मीद अहइ हम जब संसारिक सरीर छोड़ देब ताकि जउन कछू नासवान बा ओका अनन्त जीवन निगल लेइ। 5जे हमका इ प्रयोजन क बरे तइयार किहे अहइ, उ परमेस्सर ही अहइ। उहइ इ आस्वासन क रूपें मँ कि अपने बचन की नाहीं उ हमका देइ। बयाना क तरह हमका आतिमा दिहे बा। 6हमका पूरा बिसवास बाटइ, काहेकि हम जानित ह कि जब तक हम अपने देही मँ रहत अही, पर्भू से दूर अही। 7काहेकि हम बिसवास क सहारे जिअत अही बस आँखी देखी क सहारे नाहीं। 8हमका बिसवास बा इही बरे मइँ कहत हउँ कि हम अपने देही क तियागके, जाइके पर्भू क साथे रहइ बरे अच्छा समझित ह। 9इही बरे हमार ई अभिलास बा कि हम चाहे हियाँ अपने सरीर मँ रही अउर चाहे हुआँ पर्भू क साथ, ओका अच्छा लागत रहइ। 10हम सब आपन तन मँ स्थित रहिके भला या बुरा, जउन कछू किहे अही, ओकर फल पावई बरे मसीह क निआव आसन क समन्वा उपस्थित जरूर होइ क बा। 11सच क स्वीकार करा, कहेकि हम जानित ह कि पर्भू स डराइक, मतलब होत ह। हमरे अउर परमेस्सर क बीच मँ कउनउ परदा नाहीं बा। अउर मोका आसा बा कि तू हमका पूरी तहर से जानत अहा। 12हम तोहरे सामने फिन स आपन कउनउ सिफारिस नाहीं करत अही। बल्कि तोह पचन क एक अवसर देत अही कि तू हम प गरब कइ सका। ताकि जउन देखाइवाली चीजन पर गरब करत हीं, तउ ओह प जउन कछू ओनके मने मँ बा, ओनका ओकर उत्तर दइ सकइ। 13काहेकि अगर हम दीवाना अही तउ परमेस्सर बरे अही अउर अगर सयान अही तउ उ तोहरे बरे अही। 14जउन नियन्ता अहइ हमार तउ मसीह क पिरेम अहइ। काहेकि हम अपने मन मँ इ धई लिहे अही कि उ एक मसीह सब मइइयन क बरे मरा रहा। मतलब सब मरि गएन। 15अउर उ सब जने बरे मरा काहेकि जउन लोग जिन्दा अहइँ, उ सब आगे बस अपनेन बरे न जिअत रहइँ। बल्कि ओनके बरे जियइँ जउन मरइ क बाद फिन जिन्दा कइ दिहा गवा। 16परिणामसरूप अबहुँ स आगे हम कउनो क मनइयन क संसारी आँखी स नाहीं देखा। जद्यपि एक समइ हम मसीह क संसारी आँखी स देखे रहे। चाहे कछू होइ, अब हम ओका इही तरह स नाहीं देखित ह। 17इही बरे अगर कउनो मसीह मँ बाटई तउ अब उ परमेस्सर क नवी स्रिस्टी क अंग अहइ। पुरान बात जात रही अब। सब कछू नवा होइ गवा बा। 18अउ फिन उ सब बात ओह परमेस्सर का कारज अहइँ, जउन हमका मसीह क कारण अपने मँ मिलाइ लिहे बा अउर जने क परमेस्सर स मिलवाइ क काम हमका सौंपे बा। 19हमार सँदेसा बा कि परमेस्सर लोगन क पापन क अनदेखी करत मसीह क कारण ओका अपने मँ मिलावत ह। अउर उहइ मनइयन क परमेस्सर से मिलवइ क सँदेस हमका सौंपे अहइ। 20इहीं बरे हम मसीह क प्रतिनिधि रुप मँ काम करत अही। माना कि खुद परमेस्सर लोगन का बोलॉवत ह हमरे माध्यम स। मसीह क तरफ से हम तोहसे बिनती करत अही कि परमेस्सर क साथे मिलि जा। 21जउन मसीह पाप रहित रहा, परमेस्सर ओका हमरे बरे पाप ठहराएस ओक उ इही बरे पाप बली बनाएस कि ओकरे हम कारण परमेस्सर क साथे अच्छा बन जाई।

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